स्वामी की ₹35 के लिए IRCTC से 5 साल की लड़ाई ने दिलाया लोगों को इंसाफ़।

0
0

सुजीत स्वामी कोटा के रहने वाले 30 वर्षीय एक उत्कृष्ट इंजीनियर हैं। उनके अटल संघर्ष से कई लोगों को लाभ हुआ। 

हाल ही में उन्होंने 5 साल से ₹35 की धनवापसी के लिए  इंडियन रेलवेज के साथ चल रहे केस में जीत प्राप्त करी। स्वामी ने कम से कम 50 राइट टू इनफार्मेशन एप्लीकेशन नत्थी की और 4 सरकारी विभागों में कई पत्र भी दिए।

स्वामी ने अपने शहर से नई दिल्ली जाने को अप्रैल 2017 को टिकट बुक की थी। उन्हें 2 जुलाई को इस यात्रा पर जाना था। परंतु उन्होंने अपनी  रुपए 765 की टिकट कैंसिल कर दी। इसके बाद उन्हें ₹665 की धनवापसी हुई यानी 65 की जगह ₹100 कट गए। उन्होंने बताया कि ₹35 उनका टैक्स काटा गया था जबकि उन्होंने टिकट टैक्स लगने से पहले ही निरस्त कर दी थी। स्वामी ने अपने ₹35 की धन वापसी के लिए रेलवे और मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस से अपनी लड़ाई शुरु कर दी।

IRCTC के कमर्शियल सर्कुलर नंबर 43 के अनुसार अगर टिकट जीएसटी लगने के बाद निरस्त की जाती है तो जीएसटी का पैसा आपको वापस नहीं मिलेगा। स्वामी को 2 साल बाद ,1 मई 2019 को ₹33 की धन वापसी हुई थी। फिर से ₹2 सर्विस टैक्स के काटे गए थे। स्वामी की ₹2 की लड़ाई 3 साल बाद पिछले हफ्ते शुक्रवार को खत्म हुई।

जरूर पढ़े:  पुडुचेरी: टैगोर कॉलेज ने हरियाली पहल में एक मिसाल कायम की, बंजर परिसर की 15 एकड़ जमीन को शहरी जंगल में बदला

उनके इन निरंतर प्रयासों के परिणामवश 2.98 लाख लोगों को उनके ₹35 वापस लौटाए जा पाए जिसमें रेलवे ने कुल 2.43 करोड रुपए की धनराशि लोगों को वापस करी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here