फुटबॉल पर हिंदी निबन्ध | Football Par Hindi Mein Nibandh

दुनिया में बहुत प्रकार के खेल खेले जाते हैं, खेल हमें शारीरिक और मानसिक रूप से चुस्ती-दुरुस्ती प्रदान करते हैं। मेरी नजर में कोई भी खेल किसी भी उम्र के लोग को खेलते रहना चाहिए क्योंकि यह आपको स्वस्थ रखता है। और जब बात आती है खेल से स्वास्थ्य बनाने की तो सबसे पहले फुटबॉल का नाम आता है क्योंकि इसे खेलने वाले लोग चुस्त और दुरुस्त रहते हैं।

फुटबॉल दुनिया के प्रसिद्ध खेलों में से सबसे लोकप्रिय खेल है। फुटबॉल को कई देशों में “सॉकर” के नाम से भी जाना जाता है। फुटबॉल बहुत ही रोमांचकारी और उत्साहवर्धक खेल है। फुटबॉल अंतर्राष्ट्रीय खेलों में से एक है, क्योंकि यह लगभग दुनिया के सारे देश में खेला जाता है। इसे बहुत चुनौतीपूर्ण खेल भी माना जाता है। इस खेल को खेलने से व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहता है। इसी वजह से इस खेल की महत्ता और भी अधिक बढ़ जाती है। आज इस आधुनिक दौर में भी फुटबॉल बहुत ही लोकप्रिय है। फुटबॉल खेलने के लिए आज विद्यालयों और महाविद्यालयों में भी बच्चों को जागरूक किया जा रहा है। यहां तक की फुटबॉल छोटी ही उम्र से विद्यालयों में सिखाया जाने लगा है, और तो और फुटबॉल के लिए बच्चे भी अलग से क्लास लेते हैं ताकि वह और भी अधिक निपुण हो सकें।

इस खेल को खेलने और देखने वालों में शुरुआत से ही उत्साह रहता है। यह एक ऐसा खेल है जिसमें बॉल को पैर से मारकर खिलाड़ी गोल करने के लिए प्रतिद्वंदी टीम के गोल पोस्ट तक ले जाता है। और यही कारण है कि इस खेल को फुटबॉल कहा जाता है। यह खेल दो पक्षों में खेला जाता है और हर-एक पक्ष में ग्यारह-ग्यारह खिलाड़ी होते हैं। दोनों ही पक्ष अपने प्रतिद्वंदी पक्ष के विरुद्ध ज्यादा गोल करने की कोशिश करते हैं, सबसे अधिक गोल करने वाली पक्ष अंत में जीत जाती है।

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फुटबॉल के नियम और वर्णन:-

फुटबॉल खेलने के कुछ नहीं होते हैं, सबसे पहले आप यह जाने कि फुटबॉल कैसा होता है-फुटबॉल एक गोल आकार का गेंद होता है जो कि भीन्न-भीन्न मापन का होता है जिसे खिलाड़ी खेलते वक्त अपने पैरों से मारकर गोल के लिए गोलपोस्ट तक ले जाता है। अगर खिलाड़ी गोल पोस्ट में गोल करने में सक्षम होता है तो उसके पक्ष को जो स्कोर मिलता है, उसे गोल कहते हैं । इस खेल में 2 पक्ष होते हैं दोनों ही पक्ष में 11-11 खिलाड़ी मैदान में खेलते मौजूद रहते हैं। खेल के अंत में जिस भी पक्ष के स्कोर(गोल) ज्यादा होता है उसे विजेता घोषित किया जाता है। अगर दोनों ही टीम का बराबर गोल रहता है तो मैच को ड्रॉ घोषित किया जाता है।

फुटबॉल के खिलाड़ी मैच के दौरान अपने हाथ और बाँह का प्रयोग नहीं कर सकता है, खिलाड़ी अपने हाथों को छोड़कर शरीर के किसी भी अंग का इस्तेमाल कर सकता है, हालांकि जो खिलाड़ी गोल पोस्ट पर गोल की सुरक्षा करता है वह उससे अपने हाथों से पकड़ सकता है। इस खेल में खिलाड़ी अपने पैरों से गेंद पर नियंत्रण रखकर और अपने प्रतिद्वंद्वियों से गेंद को बचाकर अपने पक्ष के खिलाड़ियों के साथ मिलकर गोल के लिए स्थिति पैदा करता रहता है। वही प्रतिद्वंदी खिलाड़ी उनसे गेंद को अपने कब्जे में में लेने की कोशिश करता है। खिलाड़ियों के अतिरिक्त मैदान में मैच को संचालित करने के लिए एक रेफरी भी मौजूद रहता है।

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खेल में गोलकीपर को छोड़कर किसी भी खिलाड़ी का स्थान निर्धारित नहीं रहता है। हालांकि हालांकि कुछ खिलाड़ियों का कार्य निर्धारित बटा हुआ होता है जैसे कि स्ट्राइकर – जो अक्सर गोल करता डिफेंडर -का काम प्रतिद्वंदी द्वारा गोल किए जाने पर उसे रोकना और मिडफील्डर – का काम प्रतिद्वंद्वियों के बीच से गेंद को निकालना। खेल के दौरान खिलाड़ियों के पास कुछ आवश्यक किट भी होना अनिवार्य है जैसे मेंशर्ट्स, शोर्ट्स, मोजे, जूते और पिंडली गार्ड आदि इसमें शामिल हैं। खिलाड़ियों को कुछ भारी उपकरण पहनने से वर्जित रहता है उसमें गहने या घड़ी मौजूदा हैं।

अंतर्राष्ट्रीय खेलों में पिच के लिए भी कुछ निर्धारित नियम होते हैं जैसे मैं लम्बाई 110-120 यार्ड और चौडाई 70-80 यार्ड की मापन रखी जाती है।

फुटबॉल के मैच 90 मिनट का होता है जो की 45- 45 मिनट के अवधि में बटा होता है। और इस समय पर ध्यान रखने वाला रेफरी होता है। मैच के दौरान अगर कोई खिलाड़ी बेईमानी करता है तो उसे फ़ाउल कहते हैं। फुटबॉल नियमों के अनुसार इसे अपराध भी कहते हैं। जानबूझ कर गेंद को हाथ से छूना, प्रतिद्वंदी को पकड लेना या प्रतिद्वंदी को धक्का मारना इत्यादि दंड योग्य फ़ाउल होते हैं।

सजा के तौर पर “पेनाल्टी किक” खिलाड़ी को करना होता है। रेफरी जब भी चाहे खिलाड़ी के दुर्व्यवहार पर उसे दंड के रूप में “पीला कार्ड” देता है और अगर एक ही मैच में खिलाड़ी को दो बार पीला कार्ड मिलने का अर्थ है उसे “रेड कार्ड” मिलना और उसके बाद उसे मैच से बाहर किया जाता है। और यदि किसी खिलाड़ी को मैथ से बाहर निकाला जाता है तो उसके जगह दूसरा खिलाड़ी नहीं आ सकता है।

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आईऍफ़ऐबी, फीफा, अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल असोसिएशन बोर्ड जैसे एसोसिएशन के द्वारा ही फुटबॉल के खेल नियमों का निर्णय और संशोधन किया जाता है।

फीफा के साथ छः क्षेत्रीय संगठन जुड़े हुए हैं:-

• एशियाई फुटबॉल संघ
• अफ्रीकी फुटबॉल संगठन
• यूरोपीय फुटबॉल असोसिएशन
• ओसानिया फुटबॉल संघ
• दक्षिण अमेरिकी फुटबॉल संघ

निष्कर्ष :-

फुटबॉल खेल एक अच्छा माध्यम है व्यायाम का जिससे व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहता है। यह खेल बहुत ही रोमांचक और उत्साहवर्धक है। इस खेल को नियमित रूप से अभ्यास करने से व्यक्ति एक निपुण खिलाड़ी भी बन सकता है। इस आधुनिक जगत में खेल को बढ़ावा देना एक बहुत ही अच्छी बात है क्योंकि इस आधुनिक काल में लोग खेलों से दूर जा रहे हैं और इस वजह से लोगों में तरह-तरह की बीमारियां उत्पन्न हो रही है, और अगर आपको बीमारियों से दूर रहना है तो आपको अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखना चाहिए और खेल एक ऐसा माध्यम है जिसमें आप बिन पैसों के अपना स्वास्थ्य बना सकते हैं। अंत में मैं अपने पाठकों को यह बताना चाहूंगा कि किसी भी वर्ग के व्यक्ति खेलों में रुचि बढाकर और अभ्यास में लाकर अपना स्वास्थ्य बना सकता है।

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